अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन बृहस्पतिवार को नगर पंचायत सहित ग्रामीण क्षेत्रों के दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्त मंदिरों में पहुंचने लगे और जयकारों के साथ मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
मंदिरों के कपाट प्रातःकाल ही खोल दिए गए थे, जिसके बाद दिनभर दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा। घंटा-घड़ियाल और शंखनाद की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को फूल-माला, चुनरी, नारियल, फल और मेवे अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
ग्रामीण अंचलों के मंदिरों में भी आस्था का वही उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और लोग धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
नगर पंचायत निवासी नवनीत जायसवाल ने बताया कि वह पिछले लगभग 40 वर्षों से नंगे पांव इस प्राचीन दुर्गा मंदिर में आकर पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मां दुर्गा की कृपा से उन्हें जुड़वा पुत्रियों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ और यहां आने से हर मनोकामना पूर्ण होती है। ज्ञात हो कि चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है और इन्हें शक्ति का प्रथम स्वरूप कहा जाता है। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर नवरात्र का शुभारंभ करते हैं।
रिपोर्ट-आशीष निषाद