पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद में कोडीन कफ सिरप के बड़े मामले में पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। ड्रग इंस्पेक्टर सीमा वर्मा की तहरीर पर दीदारगंज थाना पुलिस ने जेठारी नर्वे निवासी बीपेंद्र सिंह पुत्र अशोक सिंह के खिलाफ रिकॉर्ड न देने और गंभीर अनियमितताओं के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। मामला दवाओं के संभावित दुरुपयोग से जुड़ा होने के कारण इसे बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। 3 लाख 28 हजार बोतलों की खरीद, एक भी दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं मिला।
तहरीर के अनुसार, आरोपी बीपेंद्र सिंह द्वारा मार्टिनगंज के बनगांव में एएस फार्मा नाम से मेडिकल स्टोर संचालित किया जाता था। जांच में पता चला कि उसने आजमगढ़ की 2, बस्ती की 3 और जौनपुर की एक फर्म से कुल 3,28,000 कोडीन कफ सिरप की बोतलें खरीदी थीं।
लेकिन खरीद-बिक्री का कोई रिकॉर्ड, जीएसटी विवरण या अकाउंट बुक्स उपलब्ध नहीं कराए गए। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि 28 नवंबर को निरीक्षण के दौरान दुकान बंद मिली। पूछताछ में मकान मालिक ने बताया कि एक साल पहले ही दुकान छोड़ दी गई थी।
इसके बाद टीम उसके घर भी पहुंची, लेकिन वह वहां भी नहीं मिला। बार-बार फोन कॉल, व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए विवरण मांगा गया, लेकिन किसी माध्यम से भी कोई जवाब नहीं मिला। रिकॉर्ड न देने और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर ड्रग इंस्पेक्टर ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत पूछताछ की जाएगी। कफ सिरप की इतनी बड़ी मात्रा का रिकॉर्ड गायब होने को देखते हुए पुलिस दवा के दुरुपयोग को लेकर भी जांच कर रही है।
रिपोर्ट-बबलू राय