पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद के अभियोजन विभाग में अपनी सरलता, मृदुभाषी स्वभाव और प्रभावशाली कार्यशैली से अलग पहचान बनाने वाले संयुक्त निदेशक अभियोजन शमशाद हसन सेवानिवृत्त हो गए। उनकी विदाई पर कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह भावुक माहौल में संपन्न हुआ। सहकर्मियों ने फूल-मालाओं और अंगवस्त्रम से सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शमशाद हसन ने वर्ष 2023 में आजमगढ़ में संयुक्त निदेशक अभियोजन का कार्यभार संभाला था। उनके नेतृत्व और जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला जज तथा एडी अभियोजन बीपी पांडेय के समन्वय से अभियोजन कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आई। बताया गया कि प्रदेश में 72वें स्थान पर रहने वाला आजमगढ़ जनपद बेहतर पैरवी और समन्वय के चलते प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंचा। उनके कार्यकाल में तीन महीने के भीतर 80 गैंगस्टर की कार्रवाई तथा बीएनएस और आईपीसी के 14,574 मामलों में कार्रवाई की गई। प्रभावी पैरवी से अनेक मामलों में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा भी दिलाई गई।
विदाई समारोह में अभियोजन अधिकारी विपिन चंद्र भास्कर ने कहा कि सर के मार्गदर्शन ने उन्हें शून्य से उठाकर 99 प्रतिशत तक पहुंचा दिया। यदि कुछ दिन और उनका सानिध्य मिल जाता तो शायद 100 प्रतिशत तक पहुंच जाते। उनके इन शब्दों ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को भी भावुक कर दिया।
इस अवसर पर एडी अभियोजन बीपी पांडेय, प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन सुभाष, प्रवीण कुमार चौधरी, नवनीत कुमार त्रिपाठी, अरविंद कुमार, विपिन चंद्र भास्कर, सहित एपीओ, पीओ, एसपीओ उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-बबलू राय