लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। गंभीरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एईपीएस (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के माध्यम से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक कूटरचित (फर्जी) आधार कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ गोवध, गैंगस्टर समेत कई गंभीर आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण एवं थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम संदिग्ध बैंक खातों और एटीएम हॉटस्पॉट की जांच कर रही थी। इसी क्रम में 11 जुलाई 2026 को पुलिस ने यश विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि यश विश्वकर्मा अपने साथी सद्दाम के साथ मिलकर एईपीएस प्रणाली और बायोमेट्रिक उपकरणों का दुरुपयोग कर साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि विभिन्न बैंक खातों से निकालता था तथा कमीशन के आधार पर उसका बंटवारा करता था। इसी मामले में वांछित चल रहे सद्दाम पुत्र तौफिक, निवासी रंजीतपट्टी मुहम्मदपुर, थाना गंभीरपुर को सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मुखबिर की सूचना पर रानीपुर-रजमों मोड़ से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक फर्जी आधार कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
पुलिस के अनुसार इस संबंध में थाना गंभीरपुर पर विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66क् के तहत पहले से मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद