यूरिया के लिए भटक रहे किसान

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रानीकीसराय आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय क्षेत्र में डीएपी के बाद अब यूरिया का संकट हो गया है। समितियों पर खाद नदारत है बाजार में महगें दरों पर उपलब्ध लेकिन गुणवत्ता को लेकर संदेह है। खाद को लेकर किसान भटक रहे है।
रवी फसल बुआई से ही किसान खाद को लेकर परेशान हो गये। बुआई के दौरान डीएपी नदारत थी। बाजार में मनमानी कीमत देनी पडी। किसी तरह बुआई तो कर दी अब पहली सिंचाई कर रहे है। सिचाई के बाद यूरिया के लिए भटक रहे है। समितियों पर खाद नदारत है। क्षेत्र के भगहा केन्द्र पर तीन खेप खाद आई परन्तु वितरण मनमाना रहा। किसी को एक बोरी मिली तो किसी ने ट्रैक्टर ट्राली से लाद कर ले गये। ज्यादातर किसान वंचित रह गये। बाजार मंे मनमाने दर पर बिक रही यूरिया मे गुणवत्ता मे संदेह है। किसानों का कहना है कि खेत में छिड़काव के बाद दूसरे दिन तक नहीं गल रही है। विवशता में किसान बाजार से ही खरीद कर छिडकाव कर रहे है। किसान रविन्द्र राम, राजदेव सिह, यमुना प्रसाद आदि ने कहा कि जब किसानों को खाद की अधिक आवश्यकता होती है तभी समितियों पर नदारत हो जाती है। किसानों ने खाद उपलब्धता की मांग की है।
रिपोर्ट-प्रदीप वर्मा

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