अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मौसम में बदलाव के साथ मौसमी बीमारियों और स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अमर शहीद राजा जयलाल सिंह 100 शैय्या संयुक्त जिला चिकित्सालय में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए चार बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। अस्पताल परिसर में पोस्टर लगाकर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से मरीजों व तीमारदारों को संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण है। अस्पताल में इसके उपचार और आपात स्थिति से निपटने के लिए चार बेड आरक्षित किए गए हैं। वार्ड में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नेबुलाइजर समेत जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं। एंटीवायरल और अन्य जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक भी मौजूद है, जिन्हें मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी और इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों व फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाई जा रही है। स्वाइन फ्लू की जांच के लिए किट की मांग शासन से की गई है, जिसके जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। अस्पताल परिसर में लगाए गए पोस्टरों में स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव के उपाय बताए गए हैं। वहीं, पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लोगों को नियमित रूप से मास्क लगाने, एक-दूसरे से उचित दूरी बनाए रखने और कतार में खड़े होने की सलाह दी जा रही है।
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तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत पहुंचे अस्पताल
अतरौलिया (आजमगढ़)। सीएमएस ने बताया कि स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, लगातार खांसी, नाक बहना, आंखों का लाल होना, सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी शामिल हैं। तेज बुखार या सांस लेने में दिक्कत होने पर मरीज को बिना देर किए अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों तथा डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कैंसर से पीड़ित लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की।
रिपोर्ट-आशीष निषाद