पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के चुनुगपार गांव में एक ऐसी शादी संपन्न हुई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। माता-पिता के साये से वंचित बेटी अनामिका की शादी पूरे क्षेत्र में मानवता, अपनापन और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बन गई।
बताया जाता है कि अनामिका के पिता डॉ. रमेश कुमार गंभीर बीमारी के चलते इस दुनिया को अलविदा कह गए थे। पिता की मौत के कुछ समय बाद ही उसकी मां का भी निधन हो गया। जीवन के इस कठिन दौर में अनामिका पूरी तरह अकेली पड़ गई, लेकिन पिता के मित्र भास्कर सिंह उर्फ रिंकू सिंह ने एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए बेटी की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली।
डॉ. रमेश कुमार ने अपने जीवनकाल में ही अपनी बेटी की शादी की जिम्मेदारी रिंकू सिंह को सौंपी थी। उसी जिम्मेदारी को निभाते हुए उन्होंने अनामिका का विवाह कृष्णा पुत्र कन्हैयालाल निवासी इटौरा डोरीपुर थाना कोपागंज जनपद मऊ के साथ तय कराया। दूल्हा कृष्णा पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं।
20 मई को जीयनपुर में पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ विवाह संपन्न हुआ। शादी में उस समय भावुक माहौल बन गया जब जीयनपुर कोतवाल विनय कुमार सिंह को इस बेटी की परिस्थिति की जानकारी मिली और वे स्वयं विवाह समारोह में पहुंच गए। उन्होंने गार्जियन स्वरूप वर-वधू को आशीर्वाद दिया और बेटी को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।
वहीं अनामिका की मौसी शकुंतला देवी ने भी मां की भूमिका निभाते हुए पूरे सम्मान और स्नेह के साथ विवाह संपन्न कराया। इस नेक कार्य में गांव के युवाओं और वरिष्ठ लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
इस अवसर पर रामनरायन राय उर्फ बबलू राय, रोशनलाल, प्रमोद सिंह, संदीप सिंह, हिमांशु उपाध्याय, धीरू सिंह, सूरज उपाध्याय, अंकित सिंह, अर्जुन सिंह उर्फ गोधा सिंह, गोलू सिंह, शिबू ,सोनू चौरसिया, राजेश गुप्ता, भोला, सिकंदर समेत अनेक लोग मौजूद रहे। माता-पिता के बिना बेटी की शादी कराकर समाज को एक सकारात्मक संदेश देने वाली यह पहल आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
रिपोर्ट-बबलू राय