आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। रहनुमाओं की नजर में तो रामराज कायम है, चारों तरफ अमन चैन है। दबंग और भू माफियाओं पर पुलिस लगातार कार्रवाई करने का दावा पेश कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिसे जहानागंज थाने के मित्तूपुर गांव में जाकर देखा और समझा जा सकता है। यहां दबंग जबरिया जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। पीड़ित थाने से लेकर आलाधिकारियों तक चक्कर लगा रहा है लेकिन उसकी कोई सुनने वाला ही नहीं है।
हम बात कर रहे हैं जहानागंज थाने के मित्तूपुर गांव की। गांव निवासी बुधिराम की माने तो उसकी पुश्तैनी जमीन अराजी नम्बर 1744, 1745, 1747, 1748, 833 व 825 को विपक्षीगण राजेंद्र, महेंद्र, वीरेंद्र पुत्र रामजीत, रामशरन पुत्र बरन व रामदेव द्वारा अपने चक में जुलाई माह में जबरिया मिट्टी पाट कर कब्जा करते हुए मिला लिया गया था जब मामला एसडीएम के सामने पहुंचा तो दोनों पक्षों पर कार्रवाई कर इतिश्री कर ली गयी। वहीं एसडीएम न्यायालय सदर में वाद दाखिल हुआ उसके बाद यह निर्देश हुआ कि जब तक मुकदमा निर्णित नहीं होगा कोई पक्ष कुछ नहीं करेगा। लेकिन समरथ को नहीं दोष गोसाईं की कहानी को चरितार्थ करते हुए विपक्षियों द्वारा 13 दिसम्बर को पुनः जबरिया उक्त जमीन पर ट्रैक्टर चला कर कब्जा जमाये जाने लगा। प्रार्थी जब थाने पहुंचा तो स्थानीय पुलिस ने मौन साध ली। प्रार्थी दर-दर भटक रहा है लेकिन उसे कहीं से न्याय की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में भू माफिया और अपराधियों पर लगातार कार्रवाई करने का पुलिस का दावा बेअसर साबित हो रहा है।
रिपोर्ट-उमेश राय