आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। डेंगू के खिलाफ जनपद में स्वास्थ्य विभाग के चले अभियान के परिणाम अब दिखने लगे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आईएन तिवारी के अनुसार जनपद में डेंगू पर अब काबू पा लिया गया है। उन्होने कहा कि संचारी रोग के लक्षणों को पहचान कर जांच एवं इलाज की सुविधा स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलती रहेगी।
जिला मलेरिया अधिकारी शेषधर द्विवेदी ने बताया कि विभागीय टीम और समुदाय के सहयोग से नवंबर माह की तुलना में इस माह बहुत कमी आई है। एक सितंबर से आज तक मंडलीय जिला चिकित्सालय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त व प्राइवेट पैथोलॉजी डेंगू धनात्मक मिले रोगियों के सापेक्ष कृत 777 जांच में कुल 135 डेंगू के पुष्ट रोगी मिले थे। इसमें 135 ठीक हो चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में कुल 888 लोगों की जांच में 140 मरीज मिले थे। सभी 140 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
डीएमओ शेषधर द्विवेदी ने बताया कि डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होता है। मच्छर के द्वारा संचारित होने वाला यह बुखार कभी घातक भी हो सकता है। यदि इसकी समय पर पहचान कर ली जाय तो इससे बचाव भी संभव है। डेंगू व सामान्य फ्लू या वायरल बुखार से लक्षण अक्सर सामान्य लगते हैं। इसलिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर तुरंत ब्लड टेस्ट करवा लेना चाहिए। इससे बीमारी के लक्षण की पहचान हो सके और समय रहते मरीज का इलाज किया जा सके।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव