एसपी दरबार पहुंच मासूम ने लगायी जानमाल की गुहार

शेयर करे

आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकत्री के पद पर फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी प्राप्त करने वाली महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराना दूसरी आवेदक महिला को अब भारी पड़ रहा है। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर आरोपित महिला के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी का मुकदमा छह माह बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका। नतीजा यह कि पुलिस की शह पर आरोपी पक्ष द्वारा अब इस मामले में समझौते का दबाव बनाने के लिए पीड़ित पक्ष को धमकी दी जा रही है। मामला जहानागंज थाना क्षेत्र के तुलसीपुर गांव का बताया जा रहा है।
तुलसीपुर गांव निवासी कंचन सिंह पत्नी राधेश्याम सिंह ने स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकत्री पद के लिए आवेदन किया था। इसी पद पर गांव की इसरावती पुत्री तुरंती राम ने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त कर लिया। इसकी जानकारी के बाद कंचन सिंह ने बीते 11 मई को इसरावती के खिलाफ जहानागंज थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। इसके बाद मामले की विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ लगाए गए सभी साक्ष्य सत्य पाए गए। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी पक्ष स्थानीय पुलिस की शह पाकर खुलेआम घूम रहा है। विपक्षियों के दबंगई का आलम यह कि पीड़ित महिला कंचन सिंह को समझौते के लिए दबाव बनाने के लिए उसके पति और इकलौते पुत्र की हत्या करने की धमकी मिली जिसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो सकी। पीड़ित महिला के पति भय के कारण लकवाग्रस्त हो गए जबकि इकलौते पुत्र आर्यन जो कक्षा सातवीं का छात्र है उसकी पढ़ाई बंद कराके सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया। शिक्षा से वंचित 11 वर्षीय आर्यन सोमवार को अपने ननिहाल से आकर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय एवं परिवार के सुरक्षा की गुहार लगाया। एसपी ने मासूम आर्यन को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब देखना यह है कि अपने जान की सुरक्षा के लिए गुहार लगाने वाले मासूम को कब तक न्याय मिल पाता है।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *