अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। शारदीय नवरात्रि के उपलक्ष्य में नव दुर्गा पूजा समिति गोरहरपुर द्वारा रामकथा का आयोजन किया गया। रामकथा को सुनने के लिए प्रत्येक दिन शाम को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इकट्ठा हो रही है।
कथावाचक पंडित चंद्रेश महाराज द्वारा संगीतमय श्रीराम कथा सुनाई जा रही। आयोजन समिति द्वारा शारदीय नवरात्रि पर गांव में दुर्गा मूर्ति की स्थापना कर 9 दिवसीय राम कथा का आयोजन किया गया है। जिसमें प्रभु राम तथा कृष्ण के जीवन लीला से लेकर संपूर्ण कथाएं लोगों को भावविभोर कर देती हैं। श्रीमद् भागवत कथा में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान जैसे ही भगवान का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान उपस्थित लोग झूमने-नाचने लगे। भगवान के जन्म की खुशी पर महिलाओं द्वारा अपने घरों से लाये गए गुड़ के लड्डूओं से भगवान को भोग लगाया गया। इस अवसर पर पंडित चंद्रेश जी महाराज ने कहा कि जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, चारों ओर अत्याचार, अनाचार का साम्राज्य फैल गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद
रामकथा के उपरांत मां दुर्गा की आरती के साथ ही प्रसाद का वितरण किया जाता है। यह कथा प्रतिदिन शाम 6 बजे आयोजित होती है जो संगीतमय विधा में देर रात 10 बजे तक चलती है जिसमें दूर दूर से सैकड़ों की संख्या में महिलाये व पुरुष पहुंच कर संगीतमय कथा के उपरांत माँ दुर्गा का प्रशाद ग्रहण करते है। वही शारदीय नवरात्र में विराजमान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का दर्शन कर पुण्य प्राप्त करते हैं। आयोजक रामायन सिंह ने बताया कि मां दुर्गा के आशीर्वाद से इस गांव में प्रत्येक वर्ष इस तरह का आयोजन किया जाता है जिसमें गांव के लोग पूरा सहयोग देते हैं तत्पश्चात समापन के दिन देवी जागरण का भी आयोजन किया गया है जिसमें हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है वही मूर्ति विसर्जन के उपरांत एक भव्य भंडारे का भी आयोजन किया गया है।
रिपोर्ट-आशीष निषाद