फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के सुदनीपुर गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से किसानों की धान की फसल पानी में डूब गई है। खेतों में जलभराव के चलते धान की फसल गिरकर बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। फसल को बचाने के लिए किसान पंपिंग सेट लगाकर खेतों से पानी निकालने में जुटे हैं। इससे किसानों पर खेती की लागत का अतिरिक्त बोझ भी पड़ रहा है।
लखनऊ-बलिया मार्ग से सटे सुदनीपुर गांव के खेतों में पानी भरा होने के कारण धान की फसल प्रभावित हो रही है। खेतों में जलनिकासी का उचित प्रबंध नहीं होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान अपनी मेहनत की कमाई और साल भर के परिश्रम से तैयार फसल को बचाने के लिए डीजल फूंककर पंपिंग सेट चला रहे हैं।
किसानों का कहना है कि धान की खेती में पहले ही खाद, बीज, जुताई, रोपाई और सिंचाई पर काफी खर्च हो चुका है। अब फसल बचाने के लिए पंपिंग सेट पर भी रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद पूरी फसल सुरक्षित बचने की उम्मीद कम है। किसानों को आशंका है कि यदि समय रहते खेतों से पानी नहीं निकला तो धान की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और साल भर की मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।
किसानों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि उनकी बची हुई फसल को बचाया जा सके।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय