कप्तानगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मोलनापुर नत्थनपट्टी गांव में रविवार को आयोजित पारंपरिक वार्षिक मेला शांति, सौहार्द और भाईचारे के संदेश के साथ संपन्न हो गया। बाबा गौतम बुद्ध की प्रतिमा के दर्शन और मेले की सांस्कृतिक रौनक ने लोगों को आकर्षित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ दूरदराज के क्षेत्रों से आए लोगों की भीड़ उमड़ी।
मेले की सबसे अनूठी पहचान बाबा गौतम बुद्ध की प्रतिमा की स्थापना है। यहां लोग बुद्ध के विचारों से प्रेरणा लेने और शांति, करुणा, समानता तथा मानवता का संदेश आत्मसात करने पहुंचते हैं। सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही, समाजसेवी दिवाकर मौर्य ने बताया कि इस वर्ष मेले में अपेक्षा से अधिक लोगों ने सहभागिता की। गांव के हर वर्ग और समुदाय ने मिलकर आयोजन को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि मेले का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक बुद्ध के विचारों और सामाजिक समानता का संदेश पहुंचाना भी है। मेले में बच्चों ने रंग-बिरंगे झूलों, खिलौनों, गुब्बारों और मिठाइयों का आनंद लिया। वहीं लोकगीतों और पारंपरिक गतिविधियों ने मेले की रौनक बढ़ाई। बुजुर्गों और अन्य श्रद्धालुओं ने बुद्ध प्रतिमा के दर्शन कर मानसिक शांति का अनुभव किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रतिनिधि चेयरमैन बुढ़नपुर गुडलक सिंह, विशिष्ट अतिथि सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर और मुख्य वक्ता श्रीराम मौर्य सहित कई सम्मानित लोग उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और सद्भाव का प्रतीक बताया।
रिपोर्ट-विजय कुमार