संजरपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मुकदमा उठा लो नहीं तो तुम्हारी भी हत्या कर दूंगा। कुछ नहीं कर पाओगे। मेरी पहुंच बहुत ऊपर तक है। क्या कर लिए। पीड़ित न्याय पाने के लिए पहुंचा डीआईजी दरबार
निजामाबाद थाना अंतर्गत वजीरमलपुर गाँव निवासी विवाहिता प्रतिमा उर्फ अंतिमा यादव की शादी गांव के संदीप के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही पति सहित ससुराल के सभी लोग दहेज के लिए पैसे की मांग करते रहे, जिसके संबंध में विवाहिता के पिता हरिराम कुछ लोगों को साथ लेकर ससुराल में गए और वहां समझा बुझाकर चले आए, लेकिन बात नहीं बनी। बीते 18 सितम्बर को ससुराल मंे ही विवाहिता को मारने की नीयत से उसका गला दबाया गया जिससे वह बेहोश हो गई। उसको आजमगढ़ में कई अस्पतालो में दिखाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने वाराणसी के लिए रिफर कर दिया। 19 सितम्बर को ही लड़की के पिता ने निजामाबाद थानाध्यक्ष को इसके बारे में सूचना दिया। लेकिन थाना प्रभारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इलाज के दौरान वाराणसी में ही 23 सितम्बर को विवाहिता की मौत हो गई।
ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा वाराणसी में ही जला देने की साजिश रची गई, लेकिन मैंके पक्ष के लोगों द्वारा इसकी सूचना डायल 112 को दी गई। मौके पर पहुंची वाराणसी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया। वाराणसी पुलिस के हस्तक्षेप करने पर निजामाबाद थाना प्रभारी राकेश कुमार द्वारा विवाहिता के पिता से दूसरी तहरीर लेकर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। बड़े मशक्कत के बाद आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। बाकी सभी आरोपी निजामाबाद पुलिस के सह पर खुलेआम घूम रहे हैं, जिसकी शिकायत विवाहिता के पिता हरिराम ने प्रार्थना पत्र देकर डीआईजी से किया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग किया है। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि आरोपी सुलह न करने पर जान से मार देने की धमकी दे रहे हैं, जिस पर डीआईजी ने संबंधित को आदेशित किया कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
रिपोर्ट-राहुल यादव