ब्लाक से भेजी गई जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की आख्या लेने पर रोक

शेयर करे

फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ब्लाक और तहसील के चक्कर लगा रहे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। फूलपुर ब्लाक क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि ब्लाक से तैयार कर तहसील भेजी गई जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधी आख्या रिपोर्ट को उपजिलाधिकारी कार्यालय में लेने से रोक दिया गया है। इससे प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए उपजिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देने के बाद संबंधित मामलों में खंड विकास अधिकारी से आख्या मांगी गई थी। इसके बाद ब्लाक स्तर पर जांच कर आख्या तैयार की गई। आख्या रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे डाक के माध्यम से तहसील मुख्यालय भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने पर उपजिलाधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा आख्या लेने पर रोक लगाए जाने की जानकारी दी गई।
बताया गया कि ब्लाक में करीब 348 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों से संबंधित जांच आख्या तैयार है। इनमें 24 सितंबर के बाद लगभग 150 आवेदनों को वर्तमान उपजिलाधिकारी निकेत वर्मा ने ब्लाक से आख्या मांगी थी, जबकि शेष 178 मामलों में पूर्व उपजिलाधिकारी द्वारा आख्या मांगी गई थी। अब नए आवेदनों पर रोक के साथ पुराने आवेदनों पर भी प्रमाण पत्र जारी न होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गत 30 सितंबर से वे प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लगातार ब्लाक और तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है कि प्रमाण पत्र कहां से और किस अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक ब्लाक में जानकारी लेने पर तहसील भेजा जाता है और तहसील में अलग-अलग स्तर से प्रमाण पत्र जारी होने की बात कही जा रही है।
प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत फूलपुर अरुण कुमार यादव ने बताया कि शासन अथवा जिला स्तर से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक संबंधी कोई निर्देश उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है।
आवेदक चंद्रकला पत्नी संतोष निवासी कनेरी, जरीना पत्नी इरफान निवासी गंडी, शशांक पुत्र मनोज भारती निवासी फूलपुर देहात, अशोक पुत्र जियालाल निवासी कनेरी, मो. वकास पुत्र अतीकुर्रहमान निवासी मीर अहमदपुर और शहजादा आदि ने बताया कि वे कई दिनों से ब्लाक और तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र आज के समय में कई जरूरी सरकारी और व्यक्तिगत कार्यों के लिए आवश्यक है। इसके बावजूद स्पष्ट व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को स्पष्ट और सरल बनाने की मांग की है, ताकि किसानों, मजदूरों और गरीब परिवारों को काम छोड़कर बार-बार ब्लाक और तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी फूलपुर निकेत वर्मा का पक्ष जानने का प्रयास किया गया। काफी देर बाद यह बताया गया कि एक से दो वर्ष तक का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। जब यह पूछा गया फूलपुर ब्लाक के 348 जांच आख्या रिपोर्ट है सब पर रोक लगी है तो उन्होंने बताया कि आज ही बीडीओ, ईओ नगर पंचायत को पत्र भेजकर एक से दो वर्ष की जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश जारी कर दिया जाएगा।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *