आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के तत्वावधान में 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह का आयोजन किया गया। नीमा के संरक्षक डा. वी.एस. सिंह ने कहा कि आज पूरे देश में 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद सिर्फ चिकित्सा ही नहीं है, वरन यह एक जीवनशैली है। इसके अतिरिक्त जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इसीलिए आज पूरी दुनिया आयुर्वेद को अपनाने पर जोर दे रही है।
पूर्व अध्यक्ष डा. डी.डी. सिंह ने वर्तमान परिवेश में आयुर्वेद की अनिवार्यता पर जोर देते हुए इसे प्रमुख चिकित्सा पद्धति बताया। 11वें आयुर्वेद दिवस की थीम स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद पर कहा कि हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम आयुर्वेदिक चिकित्सा को समाज के हित के लिए इसमें नवीन शोध करके जन उपयोगी बनाने के लिए लगातार प्रयास करें, जिससे यह प्राचीन चिकित्सा सर्व सुलभ हो सके। संहिता ग्रंथों में वर्णित औषधियों को वर्तमान परिवेश में स्वीकार्य बनाने के लिए उसमें आवश्यक परिवर्तन करके ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाने में सहयोग करें।
अध्यक्ष डा. मनीष राय ने कोरोना काल में आयुर्वेदिक औषधियों के प्रभाव का विस्तृत वर्णन किया। डा. विभा त्रिपाठी ने महिलाओं में आयुर्वेदिक दवाओं की उपयोगिता पर व्याख्यान दिया।
इस अवसर पर डा. अज़ीम अहमद, डा. मनीष चौबे, डा. मनीषा मिश्रा, डा. अविचल बरनवाल, डा. शाहिद सलीम, डा. महेंद्र यादव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता डा. वी.एस. सिंह तथा संचालन डा. डी.डी. सिंह ने किया।
रिपोर्ट-सुबास लाल/ज्ञानेन्द्र कुमार