भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वाेपरि: कुन्दन

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिर कोलपांडेय में शिक्षक दिवस भव्य समारोह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र छात्राओं ने अनेक धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जो सराहे गये।
बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में साहित्यकार और कवि पं. सुभाष चंद्र तिवारी कुन्दन ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वाेपरि है, क्योंकि गुरु ही सही और गलत का भेद सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के चरित्र निर्माण में शिक्षक की प्रमुख भूमिका है। शिक्षक ही छात्रों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचान कर उन्हें समाज के योग्य बनाते हैं। प्रधानाध्यापिका शीला सिंह ने आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर आरएसएस के नगर प्रचार प्रमुख गिरीश सेठ, श्वेता श्रीवास्तव, मंजू श्रीवास्तव, पूजा गुप्ता, राम अवतार, अंतिमा यादव, ज्योति सोनकर, सुधीर श्रीवास्तव, आलोक सहित विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिका, बच्चे उपस्थित थे। संचालन आकांक्षा पांडेय ने किया।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार

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