फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अंतर्गत आने वाले 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र ऊदपुर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में असंतोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली आपूर्ति, फाल्ट दुरुस्तीकरण, मीटर रीडिंग और बकाया वसूली सहित कई कार्यों में लाइनमैन और मीटर रीडरों की भूमिका बढ़ गई है। वहीं, कुछ कर्मचारियों पर सुविधा शुल्क लेने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
ऊदपुर विद्युत उपकेंद्र से करीब आठ से दस किलोमीटर की परिधि में आने वाले अम्बारी, हाजीपुर, मकसुदिया, ओरिल, मख्खापुर, लोनियाडीह, हथनौरा, सरैया भटपुरा, इब्राहिमपुर सहित कई गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर बिजली के तार जर्जर और ढीले हैं। कहीं-कहीं तारों को ईंट आदि के सहारे टिकाए जाने की स्थिति भी बताई जा रही है। जर्जर ट्रांसफार्मरों और बढ़े हुए विद्युत भार की समस्या भी सामने आती रहती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अधिक लोड होने के बावजूद क्षमता वृद्धि अथवा नया ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विभागीय बिजनेस प्लान का हवाला दिया जाता है, जबकि सुविधा शुल्क के आरोप भी सामने आते हैं। इसी तरह कुछ लाइनमैनों पर बाईपास से बिजली जलाने वाले उपभोक्ताओं के प्रति कार्रवाई में पक्षपात करने तथा मीटर रीडरों पर बिल अधिक आने के बाद उसे ठीक कराने के नाम पर धन मांगने के आरोप लगाए गए हैं।
इस संबंध में विद्युत वितरण खंड फूलपुर के अधिशासी अभियंता आरके पांडेय ने कहा कि शिकायतें मिलती हैं, लेकिन उनके समर्थन में साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए जाते। यदि विद्युत चोरी अथवा स्वीकृत भार से अधिक विद्युत उपयोग का मामला सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आने पर उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय