अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने गुरुवार को निरीक्षण भवन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान समाजवादी पार्टी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र की जनता लंबे समय से उपेक्षा और कमीशनखोरी की राजनीति से परेशान है और अब बदलाव का मन बना चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के लंबे राजनीतिक वर्चस्व के बावजूद क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि मकरहा में चीनी मिल और कल-कारखाने लगाने के प्रस्ताव कमीशनखोरी के कारण आगे नहीं बढ़ सके। उनके मुताबिक, हर वर्ष विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये आने के बावजूद गांवों में बिजली, नाली, खड़ंजा और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। सपा के पीडीए के नारे पर भी अरुण राजभर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए सपा ने अति पिछड़े, वंचित वर्ग और महिलाओं के हित में अपेक्षित काम नहीं किया। 2013 की पुलिस भर्ती का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय एक खास वर्ग को अधिक लाभ मिला। उन्होंने कहा कि वास्तविक सामाजिक न्याय के लिए रोहिणी आयोग और सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू कर आरक्षण का वर्गीकरण किया जाना जरूरी है।
अरुण राजभर ने अपने प्रयासों से क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का ब्योरा भी प्रस्तुत किया। विपक्ष की ओर से खुद को बाहरी बताए जाने के सवाल पर कहा कि उन्होंने अतरौलिया में अपना घर बनाया है और पिछले तीन वर्षों से क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में लगातार मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ के एसी कमरों में बैठकर राजनीति करने वाले और चुनाव के समय ही जनता के बीच पहुंचने वाले नेताओं को अब जनता जवाब देगी। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अतरौलिया के सर्वांगीण विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। जनता अब केवल दावों और वादों के बजाय धरातल पर होने वाले विकास कार्यों के आधार पर अपना फैसला करेगी।
रिपोर्ट-आशीष निषाद