फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र में सड़कों पर महीनों से विचरण कर रहे निराश्रित पशुओं की समस्या अब जानलेवा साबित होने लगी है। शुक्रवार की रात सुदनीपुर में सड़क पर बैठे तीन निराश्रित पशुओं को ट्रक ने कुचल दिया, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बैकहो लोडर की मदद से मृत पशुओं को सड़क से हटवाकर गड्ढा खुदवाकर दफना दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार नगर पंचायत फूलपुर के अलावा उदपुर, फूलपुर देहात, सुदनीपुर, इटकोहिया सहित आसपास के गांवों के खेत-खलिहान और मुख्य मार्गों पर बड़ी संख्या में निराश्रित पशु घूमते रहते हैं। आए दिन ये पशु सड़कों पर बैठकर विश्राम करते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद संबंधित जिम्मेदारों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
शुक्रवार की रात करीब नौ बजे सुदनीपुर में जहीर अहमद के घर के सामने सड़क पर तीन निराश्रित पशु बैठे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक तीनों को रौंदते हुए आगे निकल गया। हादसे में तीनों पशुओं की मौत हो गई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और बैकहो लोडर मंगाकर मृत पशुओं को सड़क से हटवाया। इसके बाद गड्ढा खुदवाकर उन्हें दफना दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शुक्रवार को दिन में भी तीनों निराश्रित पशु ब्लाक मुख्यालय के सामने लखनऊ-बलिया मार्ग पर बैठे थे। इसकी सूचना बीडीओ फूलपुर को दी गई थी। आरोप है कि बीडीओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी को निर्देश देकर पशुओं को पशु आश्रय स्थल भेजने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद समय रहते पशुओं को आश्रय स्थल नहीं भेजा जा सका और रात में हादसा हो गया।
ग्रामीणों ने निराश्रित पशुओं को तत्काल गो-आश्रय स्थलों में पहुंचाने तथा सड़कों पर उनके विचरण पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय