आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद में संचालित विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय सिकरौरा, शिक्षा क्षेत्र पल्हनी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों के बीच जाकर उनसे मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता एवं उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। बच्चों से पूछा कि यदि वे दोबारा भोजन मांगते हैं तो उन्हें भोजन मिलता है या नहीं तथा भोजन कैसा बनता है। बच्चों ने बताया कि उन्हें अच्छा भोजन मिलता है और दोबारा मांगने पर भी भोजन दिया जाता है।
तत्पश्चात जिलाधिकारी ने रसोईघर का निरीक्षण किया। उन्होंने रसोईघर में रखे चावल एवं दाल को हाथ में लेकर उनकी गुणवत्ता का परीक्षण किया तथा रसोईघर एवं परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने विद्यालय की स्मार्ट क्लास में पहुंचकर कम्प्यूटर सीख रहे कक्षा 8 के छात्र-छात्राओं हुस्नऐती, मानवी, सुन्दरम, राज गुप्ता आदि से संवाद किया। जिलाधिकारी ने कम्प्यूटर शिक्षक की भूमिका में विद्यार्थियों को कम्प्यूटर की विभिन्न बारीकियों से अवगत कराया।
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विद्यालय भवन की समस्या पर तत्काल लिया संज्ञान
आजमगढ़। निरीक्षण के दौरान शिक्षिकाओं ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि कक्षा 6 में 63 विद्यार्थियों का नामांकन है। पुरानी बिल्डिंग निष्प्रयोज्य हो जाने के कारण वैकल्पिक कक्ष में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में असुविधा हो रही है। जिलाधिकारी ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर उपस्थित बीएसए राजीव पाठक को निर्देशित किया कि विद्यालय में नए शिक्षा भवन के निर्माण के संबंध में उनकी ओर से शासन को पत्र प्रेषित किया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि निष्प्रयोज्य भवन का नियमानुसार 15 दिनों के अंदर ध्वस्तीकरण सुनिश्चित कराया जाए, जिससे विद्यालय में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग हो सके और विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए पर्याप्त एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
रिपोर्ट-सुबास लाल/ज्ञानेन्द्र कुमार