फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। आसमान से ज्येष्ठ मास में बरस रहे शोले, तपती धरती और मध्य में फंसे जन मानस, बेहाल पशु पक्षी परेशानी झेल रहे है तो बिजली की आंख मिचौली ने जीना दुश्वार कर दिया है। गर्मी के बढ़ते प्रकोप मंे बिजली की ट्रिपिंग ने लोगो को बेहाल कर दिया है। जर्जर तारों ने बढ़ते लोड से फाल्ट, तारों का जलना परेशानी का कारण है। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग एकाएक बढ़ी गर्मी को झेल पाने में अक्षम हो रहे है। बिजली कटौती से लोगों में गुस्सा है।
समाजसेवी भी अपना दायित्व निभा रहे हैं। देर रात तक लोग बिजली फाल्ट और मरमत के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। ज्यों बिजली आती लोग राहत की सांस लिये नहीं की फाल्ट से फिर वही समस्या बन जा रही है। सुकून के नीद के लिए लोग आकाश की तरफ आशा की दृष्टि गड़ाए हुए है। बुजुर्ग प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण न होने की ईश्वरीय प्रकोप बता रहे हैं। वहीं लोगो का कहना है कि विभागीय लोग बिजली चेकिंग करते है तो उन्हें लोड का भी पता है। उसके अनुसार जर्जर तारों व ट्रांसफार्मर को बदलना उनकी जिम्मेदारी है। अगर यही हाल रहा तो जनता सड़क पर उतर जाएगी।
इस सम्बंध में उपखण्ड अधिकारी फूलपुर भूपसिंह ने बताया कि उपभोक्ता एक किलोवाट का कनेक्शन से समरसेबल कूलर एसी पंखा लाइट इन्वेंटर सब चलना चाहता है। बिद्युत आपूर्ति घर मंे पहुंची नहीं कि एक साथ सभी इंसट्रूमेन्ट चालू हो जाते हैं। क्षेत्रवासियो को धैर्य और सहयोग की भावना रखनी चाहिए। तार केबल खम्भा अब सीधे कार्यदायी संस्था ठेकेदारी के माध्यम से होता है।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय