पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद में अवैध रूप से नियुक्त 10 अध्यापकों को लगभग 51.46 लाख वेतन भुगतान किए जाने के मामले में जांच समिति की आख्या में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं प्रधान सहायक को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद कोतवाली थाना में दोनों अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर गठित जांच समिति ने पूरे प्रकरण की गहन जांच की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध नियुक्ति पाए 10 अध्यापकों को सरकारी धनराशि के रूप में 51 लाख 46 हजार का वेतन भुगतान किया गया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी और प्रधान सहायक की भूमिका संदिग्ध मानते हुए उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी ने बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दो अधिकारी, कर्मचारियों के खिलाफ कोतवाली थाना में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रकरण में वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। वहीं मुकदमा दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रिपोर्ट-बबलू राय