अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय क्षेत्र के जगदीशपुर स्थित धनंजय पब्लिक स्कूल में शनिवार को ‘मदर्स डे’ (मातृ दिवस) पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों की माताओं ने विद्यालय में पहुंचकर विभिन्न सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित ‘स्पर्श से पहचान’ खेल ने सभी का दिल जीत लिया, जहां माताओं ने आंखों पर पट्टी बांधकर केवल स्पर्श मात्र से अपने बच्चों को पहचाना।
प्रिंसिपल रुचि तिवारी कहा कि मां के लिए एक दिन का उत्सव पर्याप्त नहीं है, उनका पूरा जीवन ही समर्पण की प्रतिमूर्ति है। आज की मां चारदीवारी से निकलकर अंतरिक्ष तक पहुंच रही है, लेकिन वह अपने बच्चों के पालन-पोषण और संस्कारों से कभी समझौता नहीं करती। उन्होंने माताओं से अपील की कि वे अपनी बेटियों को आत्मनिर्भर और निडर बनाएं ताकि वे समाज की बुराइयों से लड़ सकें।
संध्या यादव ने कहा कि मां शब्द ही अपने आप में ब्रह्मांड है। उन्होंने आधुनिक जीवनशैली पर चिंता जताते हुए कहा कि माता-पिता को मोबाइल छोड़कर बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए। डॉ. गीतांजलि मौर्य ने कहा कि अभिभावक अपने अधूरे सपने बच्चों पर न थोपें, बल्कि उन्हें अपनी रचनात्मकता दिखाने का मौका दें। अतरौलिया से आईं अभिभावक शिखा पांडे ने अपने अनुभव साझा किया।
अंत में बच्चों ने अपनी माताओं को ग्रीटिंग कार्ड और उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और भारी संख्या में क्षेत्र की महिलाएं भी उपस्थित रहीं।
रिपोर्ट-आशीष निषाद