फरिहां/निजामाबाद आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के मैनपारपुर सुराई और बड़ागांव के सिवान में रविवार को अज्ञात कारणों से गेहूं की खड़ी फसल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और तेज हवा के कारण लपटें तेजी से फैलती चली गईं। आग की चपेट में आकर तीनों गांवों के किसानों की लगभग पचासों बीघा गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बाल्टी, पाइप तथा अन्य साधनों की मदद से आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों के करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक काफी किसानों की मेहनत की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी।
ग्रामीणों द्वारा तत्काल फायर विभाग को सूचना दी गई थी, लेकिन आग बुझने के काफी देर बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी गांव में पहुंच सकी। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखी गई। ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गर्मी के मौसम में होने वाली ऐसी घटनाओं को देखते हुए निजामाबाद तहसील मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में आग लगने की स्थिति में समय रहते नुकसान को कम किया जा सके।
घटना कि सूचना मिलते ही ब्लाक प्रमुख विपिन सिंह ने पहुंच कर आग बुझाने में लोगों की मदद किया और उपजिलाधिकारी को आग लगने की घटना में किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग किया। घटना के समय मौके पर लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, डायल 112 और पुलिस बल भी मौजूद रहे। ग्रामीणों में नहर विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा गया।
पीड़ित किसानों में आशा देवी, उर्मिला पुत्री महादेव, चंद्रशेखर पुत्र वासुदेव, रामसमुझ, दयाराम, लालचंद, मूलचंद, अमरजीत, लालजीत, लालमन, ललई पुत्र मुरली, राजेंद्र यादव, चंद्रधारी, लालधारी, इजहार अहमद, वसीम, तालिब, सलाउद्दीन, जियाउद्दीन आदि शामिल हैं।
रिपोर्ट-वीरेन्द्रनाथ मिश्र/जयहिंद यादव