अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में विकास खंड कोयलसा के प्राथमिक विद्यालय बाँसी जप्ती माफी में बुधवार को ‘नवारम्भ उत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। सजे-धजे विद्यालय परिसर, दीवारों पर उकेरी गई ज्ञानवर्धक चित्रकारी और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सरकारी स्कूल अब आधुनिक शिक्षण पद्धति और गुणवत्ता में किसी से पीछे नहीं हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस दौरान 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के नामांकन को लेकर अभिभावकों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। बालवाटिका और आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए विशेष लर्निंग कॉर्नर तैयार किए गए थे, जहाँ बच्चों ने मिट्टी और रेत पर आकृतियाँ बनाकर सीखने की प्रक्रिया को खेल-खेल में अपनाया। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका ज्योति सिंह के नेतृत्व में पूरे परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। उनके कुशल निर्देशन में शिक्षकों और आंगनबाड़ी टीम ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया। विद्यालय में बच्चों के लिए तैयार की गई शिक्षण सामग्री और रचनात्मक वातावरण ने अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में शिक्षकगण-जोरावर सिंह यादव, निशा कन्नौजिया, डॉ. वेद प्रकाश यादव, डॉ. रीता दुबे, डॉ. रेखा यादव, डॉ. पवन सिंह और मनोरमा वर्मा के साथ आंगनबाड़ी कार्यकत्री मीरा वर्मा, प्रीति पटेल (प्रशिक्षु) और आरती की सक्रिय भागीदारी रही। ‘नवारम्भ उत्सव’ ने न केवल बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह जगाया, बल्कि अभिभावकों का भी सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास मजबूत किया।
रिपोर्ट-आशीष निषाद