एनडीपीएस दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए नये निर्देश जारी

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। औषधिक निरीक्षक सीमा वर्मा ने बताया है कि नशीली दवाओं की थोक एवं फुटकर व्यापारियों को विक्रय की अधिकतम सीमा सरकार ने निर्धारित कर दी है। एनडीपीएस दवाओं के निरंतर सामने आ रहे दुरुपयोग को रोकने हेतु आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने इस आशय के निर्देश जारी किये है।
उन्होंने बताया कि यह आदेश सरकारी संस्थान, कैंसर, अस्पताल मानसिक अस्पतालों पर लागू नहीं होंगे। औषधि निरीक्षक ने बताया कि कोडीन सीरप का थोक व्यापारी एक हजार शीशी से अधिक का भण्डार नहीं कर सकेंगे तथा उसके द्वारा फुटकर व्यापारी को मात्र 100 बोतल की ही बिलिंग की जा सकती है। रिटेलर अधिकतम 100 बोतल का भण्डार कर सकेंगा। परन्तु वह ग्राहक को मात्र प्रति बिल एक बोतल की ही बिक्री करेगा। क्लोनाजीपाम तथा एल्प्राजोलॉम टेबलेट थोक विक्रेता दस हजार तथा रिटेलर 1000 टेबलेट अधिकतम का भण्डार कर सकेगा, परन्तु ग्राहक को प्रति बिल मात्र 20 टेब से अधिक नहीं बेच सकेंगा।
इसी प्रकार डाइजापाम, नाइट्राजीपाम, पेंटाजोकिन तथा बूप्रीनोरपाइन टेबलेट की थोक दवा विक्रेता दो-दो हजार हजार गोलियों का अधिकतम भण्डार कर सकेगा तथा उसके द्वारा एक रिटेलर को 50-50 टेबलेट की ही बिलिंग की जा सकेगी। रिटेलर अधिकतम 50-50 टेबलेट का ही एक समय में भण्डारण कर सकेगा। परन्तु ग्राहक को प्रति बिल मात्र 10 टेबलेट और वो भी चिकित्सक के पर्चे पर ही बिक्री कर सकेगा। औषधिक निरीक्षक ने दवा व्यापारियों से अपील किया है कि एनडीपीएस दवाओं की बिक्री तथा भण्डारण उपरोक्त नियमों के अन्तर्गत ही करें। उपरोक्त सभी दवाओं का भण्डारण व विक्रय निर्धारित सीमा से अधिक करने पर कार्यवाही होगी। उन्होने कहा कि सभी थोक एवं फुटकर दवा विक्रेता एनडीपीएस दवाओं की बिक्री और भण्डारण के नये नियमों का पालन करें।
रिपोर्ट-प्रमोद कुमार यादव

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