आजमगढ़। तीन दिवसीय ईदुल अज़हा का त्योहार पर अति संवेदनशील माना जाने वाला मुबारकपुर थाना क्षेत्र का लोहरा गांव जो कि चार दिनों तक पुलिस छावनी में तब्दील रहता है और मुस्लिम समुदाय के लोग भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संगीनों के साए में ईद उल अज़हा की नमाज़ दुगाना अदा करते है। ईदुल अज़हा के पहले दिन लोहरा गांव में ज़िला प्रशासन की कड़ी निगरानी में रहा जिसके लिए लोहरा गांव में चप्पे-चप्पे पर भारी फोर्स की जहाँ तैनाती रही तो वहीं क्षेत्राधिकारी सौम्या सिंह के नेतृत्व में मुबारकपुर थानाध्यक्ष योगेंद्र बहादुर सिंह अपने हमराहियों के साथ गांव में डटे रहे। और सभी घरों सुरक्षा कर्म8योन की तैनाती की गई थी।
कई दशक पूर्व लोहरा गांव में बड़े पशुओं भैंस आदि की कुर्बानी को लेकर साम्प्रदायिक विवाद हो गया था जिसमे हत्या की भी घटना घटी थी। मामला न्यायालय तक पहुंच गया था। तभी से न्यायालय द्वारा लोहरा गांव में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से बड़े पशु भैंस आदि की कुर्बानी पर रोक लगा दी थी तभी से आजतक लोहरा गांव में बड़े पशुओं भैंस आदि की कुर्बानी नहीं होती है और तीन दिवसीय त्योहार के एक दिन पूर्व से चार दिन तक पुलिस छावनी में तब्दील हो जाता है। न्यायालय द्वारा उक्त आदेशानुसार पूर्व की तरह इस वर्ष भी रविवार को त्योहार के पहले दिन एसडीम वित्त, उपजिलाधिकारी जलराजन चौधरी, क्षेत्राधिकारी सौम्या सिंह, थानाध्यक्ष योगेंद्र बहादुर सिंह ,चौकी प्रभारी अश्वनी कुमार मिश्रा सहित 150 पुलिस बटालियन के जवान मुस्तैद रहकर पूरी तरह अलर्ट रहे। इस मौके पर तहसीलदार उमाशंकर, नायब तहसीलदार श्रीराम, निरज त्रिपाठी, राजस्व निरीक्षक अंबरीष सिंह, निरीक्षक शिवशंकर सिंह, अमित कुमार पांडे, दीपक गुप्ता, मुन्ना यादव, अमरजीत यादव, अजीत यादव, नीरज यादव, बुटाई शाह, राहुल आदि लोग मौजूद है।