आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। हुनर संस्थान आजमगढ़ द्वारा जनपद में राष्ट्रीय एकता अखंडता व लोक कलाओ क़ो बढ़ावा देने के उद्देश्य प्रतिभा निकेतन इंटर कॉलेज में 26 से 30 दिसम्बर तक चल रहे हुनर रंग महोत्सव के तीसरे दिन का आगाज शक्ति मोहन अवस्थी आईपीएस सीओ सदर, रमाकांत वर्मा, अभिषेक जायसवाल दीनू, ने दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर किया। बीके दास कल्चरल अकैडमी के पश्चिम बंगाल के कलाकारों द्वारा मनमोहक एकल लोकनृत्य व क्लासिकल नृत्य प्रस्तुत किए गए.। सांध्य कालीन सत्र रंगमंच के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय योगदान करने के लिए मुंगेर बिहार से मोहम्मद जीलानी, मोहम्मद बेलाल, अलवर राजस्थान से अशोक शर्मा व पश्चिम बंगाल से विधान चंद्र दास को सम्मानित किया गया।
समारोह के तीसरे दिन की पहली नाट्य प्रस्तुति पथ जमशेदपुर झारखंड द्वारा विजय तेंदुलकर द्वारा लिखित मोहम्मद निजाम के निर्देशन में खामोश अदालत जारी है का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रसिद्ध रंगकर्मी स्व.विजय तेंदुलकर ने भारतीय रंगमंच को नाटकों के माध्यम से समकालीन समाज की अनेकों उलझी विकृत तथा विचलित करने वाली सच्चाईयो की तरफ इशारा कर किया है। एक अदालत के दृश्य में मानव की नियति की विडंबनाओं के उद्घाटन को जिस प्रकार इस नाटक में साधा गया है। वह अद्भुत है।शारदा नाट्य मंच धनबाद झारखंड द्वारा विभांशु वैभव द्वारा लिखित व अनिल सिंह के निर्देशन में नाटक महारथी का मंचन किया गया। नाटक महारथी में कर्ण जीवन भर किसी व्यक्ति से नहीं बल्कि कई स्तरों से समाज से लड़ता रहा।उसके जैसा संघर्ष महाभारत के किसी और पात्र ने कभी नहीं किया। कर्ण के आत्म संघर्ष के कर्ण यह नाटक अति प्रासंगिक है। दूसरी प्रस्तुति शारदा नाट्य मंच धनबाद झारखंड द्वारा विभांशु वैभव द्वारा लिखित व अनिल सिंह के निर्देशन में नाटक महारथी का मंचन किया गया। तीसरी नाट्य प्रस्तुति मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित अजय रोशन के अंदर में नाटक प्रेम का उदय का मंचन किया गया.।मुंशी प्रेमचंद कृत
इस मौके पर संस्थान अध्यक्ष मनोज यादव, हेमंत श्रीवास्तव, गौरव मौर्य, उपाध्यक्ष डॉ.शशि भूषण शर्मा, राकेश कुमार, रवि चौरसिया, अमरजीत विश्वकर्मा, कमलेश सोनकर, शशि सोनकर आदि मौजूद रहेे। संचालन सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार