आज़मगढ़ (सृष्टिमीडिया)। आगामी 23 अक्टूबर को प्रदेश के 6 शिक्षक एवं 5 स्नातक विधान परिषद सदस्यों का चुनाव होने जा रहा है। इस चुनाव में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं स्नातक मतदाता मतदान करेंगे। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष डॉ. दीनानाथ सिंह, पूर्व संयुक्त महामंत्री डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित एवं प्रदेश प्रभारी प्रो. राघवेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व व निर्देशन में, महाराजा सुहेलदेव विश्विद्यालय आज़मगढ़ इकाई के अध्यक्ष डॉ. पंकज सिंह ने विश्विद्यालय इकाई के अन्य पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक करते हुए एक संयुक्त बयान जारी कर मतदाता शिक्षकों एवं स्नातक मतदाताओं से अपील करते हुए कहा है कि, जो प्रत्याशी प्राथमिक से लेकर विश्वविद्यालय तक की बिगड़ती हुई बेपटरी शिक्षा व्यवस्था एवं शिक्षकों की जायज़ समस्याओं के सुधार एवं समाधान की बात खुलकर विधान परिषद में रख सके और संघर्ष कर सके, उसी योग्य प्रत्याशी को अपना बहुमूल्य मत देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्राथमिक शिक्षकों के पदोन्नति, स्थानांतरण की समस्या का हल नहीं हो रहा है। टेट परीक्षा से नौकरीशुदा शिक्षकों को उन्मुक्ति नहीं मिल पा रही है, शिक्षा मित्रों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल नहीं किया जा रहा है। आए दिन बेसिक शिक्षा के अधिकारियों द्वारा इन्हें प्रताड़ित किया जाता है। लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
शिक्षा नीति-2020 जब से लागू हुई है उसकी प्रक्रियात्मक कठिनाइयों के कारण महाविद्यालयों में उत्तरोत्तर छात्र संख्या में गिरावट आ रही है।
बैठक में, डॉ. सुधीर कुमार सिंह, प्रो. वन्दना पाण्डेय, प्रो. अजीत प्रसाद राय, डॉ. रामजी वर्मा, डॉ. शैलेश सिंह, डॉ. पंकज कुमार मौर्य, डॉ. घनश्याम दुबे, डॉ. उमेश चंद पाण्डेय मौजूद रहे।
रिपोर्ट-सुबास लाल/ज्ञानेन्द्र कुमार