आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। शिक्षा विभाग में अधिकारी रहे राम बचन यादव कि 3 पुस्तकों नायाब कर्ण, अंतर बोध और असुर वंश बनाम राजवंश खंडकाव्य का विमोचन शहर स्थित एक हास्पीटल के सभागार में किया गया। मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार यादव पोस्ट मास्टर जनरल वाराणसी परिक्षेत्र व विशिष्ट अतिथि के रूप में उप शिक्षा निदेशक मिर्जापुर मंडल चंद्रजीत सिंह यादव, डॉ.गीता यादव व डा. गायत्री कुमारी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गयी। प्रो.अभय यादव ने बताया कि उनके पिता शिक्षा विभाग में अधिकारी रहे और अपनी सेवा निवृत्ति के बाद अपने पिता कं बुढ़ापे की स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपने मन की स्थिति को कलम के जरिए कागज पर उतारना शुरू किया जिसके बाद शब्दों की श्रृंखला सी बनती गई और उन्होंने एक सुदृढ़ चरित्र के व्यक्तित्व को नए कलेवर में लिपिबद्ध कर अंतर बोध खंड काव्य की रचना कर डाली। इसके बाद उन्होंने नायाब कर्ण खंड काव्य की रचना की। उन्होंने अपनी तीसरी पुस्तक असुर वंश बनाम राजवंश खंड काव्य की रचना की। लेखक राम बचन सिंह यादव द्वारा सभी अतिथियों का जहां एक तरफ माल्यार्पण किया गया। अपने संबोधन में राम बचन सिंह यादव का कहना था कि उन्होंने जो भी अपने जीवन में देखा उन्हें कविता का रूप देते हुए खंड काव्य की रचना की। दो और पुस्तकें पंचकन्या और अंतर बोध पार्ट 2 जनवरी 2023 में आने वाली है। मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि यह पुस्तक निश्चित तौर पर आज के युवा वर्ग और अन्य लोगों को प्रभावित करेगी। इस अवसर पर प्रो.आरके यादव, सरोज, ऋषि मुनि राय, प्रेम प्रकाश यादव, मिथिलेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट-प्रमोद कुमार यादव