निजामाबाद आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। हमारे देश में ज्यादा जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा व खेल की सुविधाओं एवं संसाधनों का भारी अभाव बना रहता है। भगत सिंह खेल अकादमी निजामाबाद के राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने कहा कि खेल की दुनिया में अपने देश व तिरंगे के सम्मान में सबसे बड़ा समर्पण व त्याग हांकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का नाम सबसे ऊपर आता है। एक सामान्य से परिवार में पैदा होकर गुलामी के दौरान भी अपने अदम्य साहस व खेल प्रतिभा के बल पर देश को ओलंपिक में मेडल दिलाकर देश का गौरव बढ़ाने वाले मेजर ध्यानचंद को अभी तक जो सम्मान मिलना चाहिए वह नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि देश में बहुत सारी बातें केवल न्यूज चैनल समाचार पत्रों तथा राज नेताओं के भाषणों में खूब चलती है लेकिन अगर इनको धरातल पर उतरना हो तो जो लोग हमेशा शोर मचाने का काम करते हैं उनकी भी रूह कांप जाती है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि देश में लगभग 85 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती हैं। मेजर ध्यानचंद को हमारे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है लेकिन आज तक कभी मेजर साहब को भारत रत्न तक नहीं मिला। उनके सपनों का भारत तब तक नहीं दिखेगा जब तक ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को कुश्ती कबड्डी एथलेटिक्स आदि खेलों को आगे बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्र के बालक एवं बालिकाओं को खेल की दुनिया में जिला मण्डल राज्य राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक खेलने के लिए समस्त सुविधा एवं संसाधन उपलब्ध नहीं हो जाते। ऐसी स्थिति में सिर्फ मेजर ध्यानचंद एवं हांकी खेल का ही अपमान नहीं बल्कि पूरे देश के समस्त खेल खिलाड़ी और खेल प्रेमियों का अपमान है। अमरजीत यादव ने कहा कि हमारे देश में जो सुविधाएं ओलंपिक एशियन एवं राष्ट्र मण्डल से आने के बाद जो धन वर्षा होती है उसी के द्वारा ग्रामीण अंचलों से खिलाड़ियों को निखारने और आगे बढ़ाने के सुविधा एवं संसाधन लगाकर खिलाड़ी तैयार किया जाए तो हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है सिर्फ कमी है उसे पहचानने और निखारने की।
रिपोर्ट-वीरेन्द्रनाथ मिश्र