आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। आजमगढ़ की शैक्षिक यात्रा में शनिवार को एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई। ऑल इंडिया चिल्ड्रन केयर एजुकेशनल एंड डेवलपमेंट सोसाइटी की ओर से हरबंशपुर में कैंब्रिज बोर्ड से मान्यता प्राप्त चिल्ड्रन कॉलेज इंटरनेशनल की औपचारिक शुरुआत की गई। वहीं रेलवे स्टेशन के पास स्थित चिल्ड्रन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के नर्सरी कैंपस में प्ले ग्रुप के बच्चों के लिए अत्याधुनिक प्ले क्लास का भी शुभारंभ हुआ। दोनों संस्थाओं की शुरुआत अभिभावकों ने फीता काटकर की।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के चेयरमैन डॉ. कृष्ण मोहन त्रिपाठी, चीफ एजुकेशन एडवाइजर एवं संस्थापक प्रधानाचार्य रीता राठौर, वाइस प्रेसिडेंट नियति त्रिपाठी, डिप्टी मैनेजर वेदांत त्रिपाठी, आँचन त्रिपाठी, एडवोकेट जगदंबा प्रसाद पांडेय, धर्मेंद्र श्रीवास्तव एवं कैंब्रिज स्कूल की प्रिंसिपल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद संस्था के संस्थापक स्वर्गीय बजरंग त्रिपाठी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
डॉ. कृष्ण मोहन त्रिपाठी ने कहा कि संस्था ने आजमगढ़ में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के साथ डेंटल कॉलेज, फार्मेसी, नर्सिंग और सैनिक स्कूल समेत करीब दो दर्जन शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। इसी क्रम में कैंब्रिज बोर्ड से मान्यता प्राप्त चिल्ड्रन कॉलेज इंटरनेशनल की शुरुआत जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां अप्रैल 2027 से शुरू होंगी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लखनऊ के बाद पूर्वांचल में आजमगढ़ को यह उपलब्धि मिली है। कैंब्रिज स्कूल शुरू होने से आजमगढ़ और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को अपने ही शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सकेगी। अत्याधुनिक तकनीक से लैस वातानुकूलित कक्षाओं और योग्य शिक्षकों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की तैयारी है, ताकि वे भविष्य में देश के साथ विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकें। उन्होंने कहा कि यह पहल संस्थापक स्वर्गीय बजरंग त्रिपाठी के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
चीफ एजुकेशन एडवाइजर एवं संस्थापक प्रधानाचार्य रीता राठौर ने कहा कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा के साथ खेल, कला, व्यक्तित्व विकास और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर भी जोर दिया जाएगा। उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। उन्होंने आजमगढ़ में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा की करीब 50 वर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले के विद्यार्थी देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा से नाम रोशन कर रहे हैं और यह विद्यालय भी अभिभावकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा। कार्यक्रम का संचालन आंचल त्रिपाठी ने किया। इस दौरान संस्था के पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार