फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील और ब्लाक क्षेत्र में सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य निधि समेत क्षेत्र पंचायत निधि से करोड़ों रुपये खर्च कर लगाई गईं हाईमास्ट लाइटें छह माह के भीतर ही खराब होने लगी हैं। कई स्थानों पर लाइट के दस बल्बों में चार-पांच ही जल रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर सभी बल्ब बुझ चुके हैं। इससे चट्टी-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लगी हाईमास्ट लाइटें शोपीस बनकर रह गई हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि लाइट लगाने के बाद उनकी नियमित निगरानी और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता। कई स्थानों पर कुछ ही महीनों में बल्ब खराब हो जाते हैं। ब्लाक परिसर, तहसील परिसर, विद्युत वितरण खंड परिसर उदपुर और सुदनीपुर विद्युत केंद्र के सामने लगी हाईमास्ट लाइटों के खराब होने की बात भी सामने आई है। जब अधिकारियों के कार्यालय परिसरों में लगी लाइटों की ही स्थिति ऐसी है तो गांवों में लगी लाइटों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से खराब हाईमास्ट लाइटों की जांच कराने और उन्हें शीघ्र ठीक कराने की मांग की है।
इस संबंध में बीडीओ फूलचंद सरोज ने बताया कि लाइट लगने के संबंध में उन्हें निश्चित जानकारी नहीं है। जिस ग्राम में हाईमास्ट लाइट के बल्ब खराब होने या लाइट न जलने की शिकायत मिलती है, वहां संबंधित फर्म को नोटिस देकर उसे ठीक कराया जाता है।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/ज्ञानेन्द्र कुमार