आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। शिब्ली नेशनल कॉलेज में भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 134वीं जयंती राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाई गई। वक्ताओं ने उन्हें कवि, लेखक, पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी बताया।
शिक्षा शास्त्र के विभागाध्यक्ष मोहम्मद डा.जर्रार ने कहा कि अबुल कलाम आजाद की खिलाफत आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उर्दू विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.ताहिर ने कहा कि वे 1940 से 45 के बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। दर्शनशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ.कलीम अहमद ने कहा कि जिस दौरान भारत छोड़ो आंदोलन हुआ, अबुल कलाम आजाद 3 साल जेल में रहे। वही दर्शनशास्त्र के सहायक प्रोफेसर सह महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ.बीके सिंह ने कहा कि अबुल कलाम आजाद को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ज्ञान के सम्राट की उपाधि से विभूषित किया था। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे कम उम्र के प्रेसीडेंट बने थे। कार्यक्रम में बी.एड विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.अफजाल, प्रो.आसिफ कमाल, डॉ.अनीता राय, सीमा सादिक, मोहम्मद आलम, मोहम्मद आदम, डा.जावेद, अकील अहमद, डॉ.राफे एवं महाविद्यालय के शिक्षक तथा छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार