आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश पाण्डेय की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय परिसर में वृहद/मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां वाग्देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि इस वृहद/मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के निर्बल वर्गों, दिव्यांगजनों, बच्चों, महिलाओं, निर्धन व्यक्तियों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
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34 विभागों के स्टॉल के माध्यम से योजनाओं का लाभ
आजमगढ़। सचिव अंकित वर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस मेगा शिविर में विभिन्न विभागों के कुल 34 स्टॉल लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन लघु शिविरों के माध्यम से कुल 26,482 लाभार्थियों का चयन कर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा चुका है। आज आयोजित वृहद/मेगा शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा कुल 878 पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मेगा शिविर में जिला कारागार, आजमगढ़ में निरुद्ध बंदियों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों एवं सामानों का स्टॉल भी लगाया गया, जिसके माध्यम से बंदियों के कौशल एवं हुनर को प्रदर्शित किया गया।
रिपोर्ट-सुबास लाल