फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सरकार की ओर से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठे हैं। फूलपुर ब्लॉक की गुवाई ग्राम पंचायत स्थित कंपोजिट विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषाहार वितरण और बुनियादी सुविधाओं में कथित अनियमितता का आरोप लगा है। ग्राम प्रधान विजय यादव ने संपूर्ण तहसील समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
ग्राम प्रधान के अनुसार, केंद्र पर तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और तीन सहायिकाओं की तैनाती है। इसके बावजूद सभी के नियमित उपस्थित रहने पर सवाल उठाए गए हैं। उनका आरोप है कि केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 10 से 12 बच्चे ही आते हैं। बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन और पोषाहार भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि गुवाई गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर इन योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिलने की शिकायत की गई है। ग्राम प्रधान ने केंद्र पर पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने और आरओ मशीन उपलब्ध नहीं होने का भी आरोप लगाया है। केंद्र पर मेन्यू बोर्ड लगा है, लेकिन उसके अनुरूप भोजन तैयार किए जाने की व्यवस्था नहीं दिखाई देती। उन्होंने पोषाहार सामग्री के उपयोग की जांच कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान का यह भी आरोप है कि बाल विकास विभाग के अधिकारी केंद्र का नियमित निरीक्षण नहीं करते।
ग्राम प्रधान विजय यादव ने प्रशासन से मांग की है कि बाल विकास विभाग से इतर किसी सक्षम अधिकारी से केंद्र की जांच कराई जाए, ताकि पात्र बच्चों और गर्भवती महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिल सके। मामले में संबंधित विभाग का पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय