आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा मोर्चा की स्वीकृत मांगों को पूरा करने में लगातार की जा रही उपेक्षा से क्षुब्ध होकर संसद में कार्रवाई की मांग को लेकर सदर व लालगंज के सांसदों को ज्ञापन भेजा।
वर्ष 2020-21 में दिल्ली में हुए 383 दिन के ऐतिहासिक किसान आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार द्वारा किसानों की सभी लंबित मांगों को पूरा करने के लिखित आश्वासन के बाद वापस लिया था। इसमें पांच मांग शामिल है। हालांकि केंद्र सरकार द्वारा दिए हुए इन आश्वासनों को लगभग 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन एक भी मांग को पूरा नहीं किया गया है। इससे देश के किसानों में व्याकुलता पैदा हो रही है और किसानों को झूठा आश्वासन देने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ एक और आंदोलन शुरू करने के लिए कई क्षेत्रों से मांग की जा रही है। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा ने ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दिए गए आश्वासनों को पूरा न करने के मुद्दे को संसद में अविलम्ब उठाएं और आश्वासनों को तुरंत पूरा करने के लिए केंद्र सरकार को बाध्य करें। मोर्चा ने कहा है कि हमें विश्वास है कि हमारे सांसद किसानों की ओर से दृढ़तापूर्वक अपनी बात रखेंगे और किसानों के हितों को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करेंगे। इस मौके पर राजेश आज़ाद, दुखहरन राम, दानबहादुर मौर्या, कामरेड वेद प्रकाश उपाध्याय, रामजनम यादव, फूलचंद्र, रमायन, लालमन, निठुरी, रामराज, विनोद यादव, अवधेश यादव, रामचंद्र गोड़ आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-प्रमोद कुमार यादव