आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। भारतीय संस्कृति, संस्कार और आपसी सौहार्द का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल के छात्र-छात्राओं ने एक अनोखी और प्रेरणादायी पहल के साथ मनाया। विद्यार्थियों ने नगर के ऐतिहासिक गौरी शंकर घाट पहुंचकर सुदीक्षा नई राह फाउंडेशन के नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ सामूहिक रूप से रक्षाबंधन का त्योहार अत्यंत हर्षाेल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया।
बच्चों ने एक-दूसरे की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर लंबी उम्र और खुशहाली की कामना की। विद्यार्थियों ने फाउंडेशन के बच्चों को मिठाई खिलाई और उपहार भेंट कर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी। यह आयोजन समाज में समानता, अपनत्व और सामाजिक समरसता की एक मिसाल बना।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज से भेदभाव की दीवारों को मिटाकर सबका सम्मान, सबका साथ की भावना को प्रबल करना था। डायरेक्टर ऋत्विक जायसवाल ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व हमें यह सिखाता है कि रिश्ते केवल रक्त संबंध तक सीमित नहीं होते, बल्कि प्रेम, विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता ही सच्चे रिश्तों की बुनियाद हैं।
इस अवसर पर सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल के शिक्षक राजबहादुर गुप्ता, आकांक्षा राय, प्रशांत मिश्रा और कुनाल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं। वहीं सुदीक्षा नई राह फाउंडेशन की ओर से साक्षी पांडे एवं उनकी पूरी टीम की उपस्थिति रही।
रिपोर्ट-सुबास लाल/ज्ञानेन्द्र कुमार