फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़क की पटरियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए शुरू हुई कार्रवाई का दूसरा चरण अब तक शुरू नहीं हो सका है। इससे क्षेत्र में प्रशासन की निष्पक्षता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बताया जाता है कि उदपुर गांव में लखनऊ-बलिया मार्ग पर माहुल मोड़ से उदपुर पेट्रोल पंप तक सड़क के उत्तरी हिस्से का सीमांकन कर सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले 115 लोगों को नोटिस जारी किया गया था। उन्हें एक सप्ताह का समय देने के बाद 2 जुलाई को तहसील प्रशासन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल, बैकहो लोडर तथा अधिकारियों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। साथ ही मलबा नहीं हटाने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई थी, जिसके बाद संबंधित लोगों ने स्वयं मलबा साफ करा दिया।
हालांकि कार्रवाई के एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सड़क के दक्षिणी हिस्से में चिन्हित अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। राजस्व विभाग द्वारा भूमि का सीमांकन कर लिया गया है, लेकिन अब तक न तो कब्जाधारकों को नोटिस जारी किए गए हैं और न ही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
इसको लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष है। उनका कहना है कि पहले चरण में छोटे दुकानदारों और गरीब परिवारों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की गई, जबकि दूसरे चरण में प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई लंबित है। लोगों ने प्रशासन से बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष एवं समान कार्रवाई करने की मांग की है।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार राजाराम ने बताया कि सरकारी भूमि का सीमांकन कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। जिलाधिकारी स्तर से लोक निर्माण विभाग को आवश्यक निर्देश मिलने के बाद अगले चरण की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट-मुन्ना पाण्डेय