आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद में कई महिला संगठन हैं जो महिलाओं पर हो रहे जुल्म पर आवाज उठाते रहते हैं लेकिन दिल्ली में श्रद्धा हत्याकाण्ड व आजमगढ़ में आराधना हत्याकाण्ड पर महिला संगठनों ने जुप्पी साध ली है। अभी तक किसी भी महिला संगठन ने इसके लिए आवाज नहीं उठाई।
दिल्ली के बहुचर्चित श्रद्धा मर्डर केस ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। श्रद्धा वॉकर की लाश को उसका प्रेमी आफताब 35 टुकडों में काटकर अलग-अलग स्थानों पर फंेक दिया। 6 माह बाद जब केश का खुलासा पुलिस ने किया तो हलचल मच गयी। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी महिलाओं के उपर हो रहे अत्याचार के लिए काम करने वाली कई महिला संगठन है लेकिन इस घटना के बाद चुप्पी साध ली। इतना ही नहीं आजमगढ़ के अतरौलिया थाना क्षेत्र निवासिनी आराधना नाम की महिला का शव कई टुकड़ों में काटकर कुंए में डाला गया था तथा उसका सिर धड़ से गायब था। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद घटना का खुलासा किया। इस घटना में महिला को मौत के घाट उतारने वाला उसका प्रेमी ही था। जनपद में कई महिला संगठन हैं जो महिलाओं पर हो जुल्म व अत्याचार के खिलाफ आवाज अठाती रहती हैं लेकिन इन दोनों घटनाओं को लेकर महिलाओं के साथ हो रहे जुल्म पर आवाज उठाने वाले संगठन आखिर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं, यह समझ से परे है।
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घटना बहुत ही दुःखद
आजमगढ़। नारी शक्ति संस्थान की पूनम तिवारी ने बताया कि यह दोनों घटनाएं बहुत ही दुःखद हैं इसकी जितनी निंदा की जाय वह कम है। इस घटना से महिलाएं काफी आहत हैं। उन्होने बातया कि उनका स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण वह इस समय कुछ भी करने में असमर्थ हैं।
अभया महिला संस्थान की अनामिका सिंह पालीवाल ने कहा कि घटना दिल दहला देने वाली थी जिसने भी टीवी पर देखा सभी लोगों इस घटना के प्रेती निंदा की जनपद की घटना भी काफी दुःखद है। महिलाओं के साथ इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। उन्होने कहा कि हमारा संगठन हमेशा महिलाओं के उपर हो रहे अत्याचार के खिलाफ खड़ा रहा है लेकिन इस समय हम इलाज के लिए बाहर गये थे जिससे समय नहीं मिल पाया आगे हम महिलाओं से वार्ता कर आगे की रणनीति तय किया जायेगा।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव