आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। गंभीरपुर क्षेत्र के वैराडीह में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने किशोरों में मोबाइल के प्रति दीवानगी की हद साबित कर दी। इस मामले में संजय चौरसिया पुत्र स्व. रामफेर चौरसिया निवासी ग्राम वैराडीह, थाना गम्भीरपुर ने शनिवार को निजामाबाद थाने पर सूचना दी कि सात अप्रैल को अपने भाई रमेश के दो पुत्रों, 14 वर्षीय गणेश व 15 वर्षीय अंश के साथ तहसील निजामाबाद किसी कार्य से आए थे। तहसील परिसर में प्रवेश करते समय उन्होंने दोनों बच्चों को गेट के बाहर बैठा दिया। कार्य समाप्त कर जब वे बाहर आए तो अंश वहां मौजूद नहीं था। गणेश से पूछने पर उसने बताया कि अंश पानी पीने गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद भी अंश का कोई पता नहीं चल सका।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष के निर्देश पर निजामाबाद थाने के एसआई कमला प्रसाद पटेल ने तत्काल जांच प्रारम्भ की। जांच के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि गुमशुदा किशोर अंश वाराणसी में किसी स्थान पर मौजूद है तथा उसने किसी व्यक्ति के मोबाइल फोन से अपने घर संपर्क करने का प्रयास किया था। उस मोबाइल नंबर के माध्यम से संबंधित व्यक्ति से संपर्क स्थापित किया गया, जिससे ज्ञात हुआ कि किशोर थाना जैतपुरा, वाराणसी क्षेत्र में है। तत्पश्चात थाना जैतपुरा पुलिस से समन्वय स्थापित कर उक्त किशोर को सुरक्षित थाने पर बुलवाया गया। इसके बाद एसआई कमला प्रसाद पटेल व हेड कांस्टेबल हैसिलानन्द यादव ने संजय चौरसिया के साथ वाराणसी पहुंचकर किशोर को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
पूछताछ में बरामद किशोर अंश ने बताया कि उसके परिजनों ने उसका मोबाइल फोन वापस ले लिया था, जिससे नाराज होकर बिना बताए अपने मन से वाराणसी चला गया था।
रिपोर्ट-वीरेन्द्रनाथ मिश्र