लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। ब्लॉक मोहम्मदपुर के वासुदेव नगर रानीपुर रजमो स्थित ब्रह्म बाबा मंदिर परिसर में श्री शक्ति मानस महायज्ञ और श्रीराम कथा में पांचवंे दिन बृहस्पतिवार की रात्रि में राष्ट्रीय मानस प्रवक्ता एवं भागवत आचार्य बाल व्यास कौशल किशोर जी महाराज ने महर्षि विश्वामित्र द्वारा अयोध्या के राजा दशरथ से राम लक्ष्मण के मांगने व ताड़का वध प्रसंग का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि रामायण में तुलसी दास जी वर्णन करते हैं कि दंडकारण्य में महर्षि विश्वामित्र जी जब यज्ञ करते थे तो रावण द्वारा वहां नियुक्त ताड़का सुबाहु और मारीच जैसे राक्षस यज्ञ में बार-बार विघ्न डालते थे और हवन कुंड में हड्डियां डाल देते थे जिससे उन्हें यज्ञ करने में काफी परेशानी होती थी। विश्वामित्र ने अपने तपोबल से जान लिया कि प्रभु श्री राम अपना जन्म अयोध्या में ले चुके हैं। उसके बाद वह अयोध्या पहुंचे। राजा दशरथ ने महर्षि विश्वामित्र से आने का कारण पूछा। महर्षि विश्वामित्र ने कहा कि मैं जब भी यज्ञ करता हूं तो राक्षसों द्वारा उसमें विघ्न डाल दिया जाता है इसलिए आप अपने दोनों पुत्र राम और लक्ष्मण को मुझे कुछ दिनों के लिए दे दीजिए जिससे कि मैं अपने यज्ञ को पूरा कर सकूं। राजा दशरथ कहते हैं कि हे प्रभु आप उनके बदले में और कुछ हमसे मांग लीजिए लेकिन राम लक्ष्मण को हमसे न मांगिये। इस पर महर्षि विश्वामित्र क्रोधित हो जाते हैं। उसके बाद गुरु वशिष्ठ राजा दशरथ से कहते हैं कि है राजन आप गुरु विश्वामित्र के साथ राम लक्ष्मण को जाने दीजिए। उसके उपरांत राजा दशरथ अपने दोनों पुत्र राम लक्ष्मण को महर्षि विश्वामित्र को सौंप देते हैं। यज्ञ स्थल पर पहुंचकर विश्वामित्र कहते हैं कि अब मैं यज्ञ करने जा रहा हूं आप लोग देखिएगा। जब महर्षि विश्वामित्र द्वारा यज्ञ किया जाता है तो फिर राक्षसों का झुंड आता है और राम लक्ष्मण द्वारा एक-एक करके ताड़का, सुबाहु को मार गिराया जाता है।
कथा का 28 फरवरी को हवन व भव्य भंडारा के साथ समापन होगा। इस अवसर पर पंडित विनय शंकर मिश्रा, रूप नारायण उपाध्याय, संतोष मिश्रा, अभिषेक उपाध्याय, अजय गुप्ता, धर्मेंद्र मिश्रा, जगन्नाथ गुप्ता आदि उपस्थित थे।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद