आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अहिरौला थाना क्षेत्र के पारा गांव निवासी मौर्य दम्पत्ति हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर घाटना के खुलासे की मांग की।
जिला प्रशासन को सौपे पत्रक के माध्यम से शिवांश मौर्य ने बताया कि मेरे माता-पिता 14 जून को शाहगंज दवा लेने के लिए गये थे लेकिन घर वापस नहीं आये। दो दिन बाद उनका शव जनता इण्टर कालेज अम्बारी के पास मिला। इस सम्बंध में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मेरे घर आये और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया परन्तु कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिवांश ने बातया कि एक सितम्बर को धरने पर बैठे एसओ ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी बाहर घूम रहा है। जिसके विरोध में 19 सितम्बर को भूख हड़ताल पर बैठे, एसडीएम सदर, सीओ सदर ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का लिखित आश्वासन देकर भूख हड़ताल समाप्त कराया। 23 दिन लगातार धरने पर बैठने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार को सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने बच्चों के समर्थन में मार्च निकाला जो कलेक्ट्रेट के चारो तरफ भ्रमण करने के पश्चात धरना प्रदर्शन में तब्दील हो गया। इस दौरान लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन को सौपे पत्रक के माध्यम से शिवांश मौर्य ने बताया कि यदि केश का खुलासा नहीं होता और हमें न्याय नहीं मिलता है तो हम तीनों बच्चे आमरण अनशन करने पर विवश होगें।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार