अहरौला आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अहरौला पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट के तहत वांछित चल रहे दो अभियुक्तों को मुखबिर की सूचना पर ग्राम भोगईचा स्थित जेठू सिंह स्मृति द्वार मोड़ से गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनो अभियुक्तों को सम्बंधित धाराओं में जेल भेज दिया। यह कार्रवाई जहरीला पदार्थ खिलाकर की गई हत्या के एक सनसनीखेज मामले से जुड़ी है, जिसमें सक्रिय संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने आई थी।
पुलिस के अनुसार, ग्राम भोगईचा निवासी गैंग लीडर श्रवण पाण्डेय द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक गिरोह का गठन किया गया था। यह गिरोह आर्थिक व भौतिक लाभ के उद्देश्य से गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहा था। इसी क्रम में 16 मार्च 2025 को ग्राम भोगईचा निवासी सुनील पाण्डेय को बाजार जाते समय पकड़कर घर के अंदर ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट कर जहरीला पदार्थ खिलाया गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में मृतक की पत्नी की तहरीर पर थाना अहरौला में हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। विवेचना के दौरान अभियुक्तों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। 26 फरवरी 2026 को थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम भोगईचा स्थित जेठू सिंह स्मृति द्वार मोड़ से दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में रामसकल पाण्डेय (56 वर्ष) एवं रवि पाण्डेय (27 वर्ष) निवासी ग्राम भोगईचा, थाना अहरौला जिला आजमगढ शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ हत्या सहित गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं और अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई जनपद आजमगढ़ में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
रिपोर्ट-संतोष चौबे