आज़मगढ़ (सृष्टिमीडिया)। महाराजा सुहेलदेव विश्विद्यालय के अधीन भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आई सी एस एस आर) शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के सहयोग से पहली बार दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आगामी 27 एवं 28 मार्च को नगर के प्रतिष्ठित महाविद्यालय डी ए वी पी जी कॉलेज के स्मार्ट सेमिनार हाल में सम्पन्न होगी जिसमें राष्ट्रीय स्तर के विद्वान प्रोफेसर और शोधार्थी पूर्वी उत्तर प्रदेश के बुनकर समुदाय पर जी एस टी सुधारों का सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव विषय पर अपने विचारों और शोधपत्रों के द्वारा समाज के इन कामगारों के जीवन और शासकीय प्रभावों के असर का वैचारिक मूल्यांकन करेंगे।
संगोष्ठी के संयोजक इतिहास विभाग के प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि उद्घाटन और समापन सत्रों के साथ दोनों अलग अलग दिन आज़मगढ़ विश्विद्यालय के कुलपति प्रो0 संजीव कुमार और बलिया विश्विद्यालय के कुलपति प्रो0 संजीत गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
संगोष्ठी के निदेशक प्रो0 सौम्य सेनगुप्ता ने बताया कि तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय स्तर के विद्वानों और शोधार्थियों द्वारा अपने शोधपत्रों और विचार प्रवाह से बुनकरों के सामाजिक आर्थिक प्रभावों की समीक्षा करते हुए उनके जीवन स्तर सुधार पर भी चर्चा की जाएगी।
संगोष्ठी के सरंक्षक प्राचार्य प्रो0 प्रेम चन्द्र यादव के नवनिर्मित कक्ष में, प्रबन्धक आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव ने बुधवार को संगोष्ठी की तैयारियों को लेकर शिक्षकों के साथ व्यापक समीक्षा की और साफ सफाई से लेकर साज़ सज्जा एवं प्रत्येक स्तर के कार्यों का जायज़ा लेते हुए प्राचार्य को आवश्यक निर्देश भी दिए।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार