आज़मगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मण्डलायुक्त मनीष चौहान ने कहा है कि सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार लाने हेतु सभी जिलाधिकारी महीने में कम से कम एक बार जिला चिकित्सालय का अवश्य निरीक्षण करें। इसके साथ ही सभी सीएचसी एवं पीएचसी का भी नियमित रूप से निरीक्षण करायें। वह सोमवार को अपने कार्यालय के सभागार में शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं से सम्बन्धित कार्यक्रमों तथा निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन कार्यक्रमों मण्डल की ग्रेडिंग ए में नहीं हैं उससे सम्बन्धित अधिकारी पूरी निष्ठा और लगन के साथ दायित्वों का निर्वहन करते हुए ग्रेडिंग में अपेक्षित सुधार लाना सुनिश्चित करें। मण्डलायुक्त श्री चौहान ने विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत जनपदों में गोल्डेन कार्ड आज़मगढ़ में 261270, मऊ में 201237 एवं बलिया में 361337 लाभार्थियों के कार्ड बने हैं। इस प्रकार आज़मगढ़ में 113935, मऊ में 79459 एवं बलिया में 153384 परिवार ऐसे हैं जिसमें कम से कम लाभार्थी का गोल्डेन कार्ड बना है। मण्डलायुक्त ने इसे कम बताते हुए निर्देश दिया कि जनपदों में अधिक से अधिक कार्ड बनाये जाने हेतु आशाओं के साथ पंचायती राज विभाग की भी जिम्मेदारियॉं तय की जाय। इसके साथ ही लेखपाल और एएनएम आदि को भी कोटे की दुकानों पर राशन वितरण की तिथियों में लगाया जाय ताकि वहॉं उपस्थित रहकर अधिक से उपभोक्ताओं का गोल्डेन कार्ड बना सकें। इसके अलवा उन्होंने उप श्रमायुक्त को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर पंजीकृत सभी श्रमिकों का गोल्डेन कार्ड अनिवार्य रूप से बनाये जाने के सम्बन्ध में कार्यवाही करें। मण्डलायुक्त ने कहा कि गोल्डेन कार्ड बनाये जाने हेतु कम से कम 10 दिन का सघन अभियान चलाया जाय। जिला चिकित्सालयों, सीएचसी, पीएचसी पर आमजन को समुचित स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराये जाने के दृष्टिगत उन्होंने अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि नियमित रूप से ओपीडी में चिकित्सकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करायें तथा चिकित्सकों, दवाओं आदि की उपलब्धता की भी बराबर समीक्षा करें।
रिपोर्ट-प्रमोद कुमार यादव