आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। पितृ पक्ष का महीना हिन्दू शास्त्रों के अनुसार पवित्र माना जाता है। इसमें अपने पितरों के तर्पण हेतु अनेक प्रकार के कार्यक्रम किये जाते हैं। कुछ लोग गया ठाकुर द्वारा जाकर पितरों का तर्पण करते हैं तो कुछ लोग घर पर ही उनका श्राद्ध करते हैं। इसी क्रम में सगड़ी तहसील के बर्जला गांव निवासी रामाश्रय राय अपने दोनों भाईयों पत्नी सहित गया धाम के लिए मंगलवार को रवाना हुए।
श्राद्ध कर्म के लिए प्रसिद्ध गया ठाकुर द्वाराधाम जिसे मोक्ष धाम भी कहा जाता है जहां लोग जाकर अपने पितरों का तर्पण करते हैं। पितरों की आत्मा की शांति के लिए देश में कई जगह श्राद्ध और पिण्डदान किये जाते हैं लेकिन गया में पिण्डदान करना शुभदायी माना जाता है जहां आत्मा को जन्म मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है। अमूमन देखा जाय तो घर का एक व्यक्ति ही गया ठाकुरद्वारा धाम जाता है लेकिन बर्जला गांव निवासी रामाश्रय राय अपने भाई राम निवास और राम सुधार व पत्नियों के साथ मंगलवार को बिहार राज्य स्थित गया धाम के लिए प्रस्थान किये। मंगलवार की सुबह गाजे-बाजे के साथ पिण्डदान कर गांव का भ्रमण कर हर घर में अक्षत छींटते हुए गांव के सभी व्यक्तियों की सुख शांति की कामना करते हुए प्रस्थान किये। इस दौरान समस्त ग्रामवासी उनके साथ गांव का फेरी लगाते हुए तीनों को खुशी-खुशी विदा किया। इस मौके पर सुबाष राय, छून्नू राय, रणविजय राय, रोहित राय, हर्ष राय, मोनू राय, श्रीराम राय, ओम प्रकाश राय, उमेश राय सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
रिपोर्ट-प्रमोद कुमार यादव