मात्र चार आरक्षियों के भरोसे चल रही क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था

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माहुल आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अहरौला थाना क्षेत्र की माहुल पुलिस चौकी स्टाफ की कमी से जूझ रही है जिसके कारण प्रभावी पुलिसिंग न होने से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहा है।
पुलिस चौकी क्षेत्र में माहुल कस्बे के अलावा 47 गांव और दो राष्ट्रीकृत बैंक हैं। क्षेत्र में दो महिला महाविद्यालय एक पॉलिटेक्निक कॉलेज के साथ ही साथ एक दर्जन से अधिक स्कूल और इण्टर कालेज है। इसका पश्चिमी उत्तरी छोर अम्बेडकर नगर जिले की सीमा से सटा है। इस क्षेत्र के पूर्व और दक्षिण में फूलपुर कोतवाली और पश्चिम दक्षिणी पवई थाना क्षेत्र की सीमा है। कहने को तो यहां सात पुरुष और एक महिला आरक्षी तैनात हैं, पर एक माह से मात्र चार पुरुष आरक्षी ही मौजूद है। बाकी के लोग अन्यत्र ड्यूटी पर भेज दिए गए। माहुल में चिकित्सक पर हुए हमले के तीसरे दिन तीन नवम्बर को पुलिस अधीक्षक द्वारा यहां के चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया था। तब से अभी तक किसी प्रभारी की तैनाती न होने से कार्यवाहक चौकी प्रभारी श्याम कुमार दुबे द्वारा यहां का कार्य कराया जा रहा है। पशु तस्करी और शराब कांड से सुर्खियों में रहने वाले इस अति संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मात्र चार आरक्षियों के भरोसे चल रही है। बीट की महिला आरक्षी का तो चेहरा ही नहीं दिखाई देता। संख्या बल की कमी के कारण क्षेत्र में प्रभावी गस्त नहीं हो पा रही और बाजारों में पुलिस कहीं भी दिखाई नहीं दे रही है।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर अजय प्रताप सिंह का कहना है कि पुलिस चौकी का निर्माण थाना पुलिस के सहयोग के लिए होता है। कोई घटना होने पर थाने को सूचित करते हैं उसके बाद थाने की पुलिस पहुंच जाती है। माहुल में स्टाफ की कमी है एक दो दिन में तैनाती हो जाएगी।
रिपोर्ट-श्यामसिंह

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