लाखो खर्च के बाद भी समस्या का नहीं हो पा रहा समाधान

शेयर करे

फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सरकार द्वारा प्रत्येक गांव में पंचायत भवन बनाकर पंचायत कार्यालय खोलने का निर्देश हुआ। पंचायत सहायक की नियुक्ति हुई, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की खरीद की गई कि पंचायत सहायक द्वारा गांव के विकास सहित ग्रामीणों के छोटे बड़े काम आन लाइन सेवा गांव में ही उपलब्ध हो सके। परंतु वर्षों बाद भी सरकार की सक्रियता कर्मचारियों के कारण सरकारी अभिलेखों तक सीमित रह गयी। लाखों खर्च के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
फ़ूलपुर ब्लाक के 89 ग्राम पंचायतों में शासन की मंशानुसार पंचायत भवन बनाए गए। पंचायत कार्यालय खुले और पंचायत सहायकों की नियुक्ति हुई। पंचायत सहायकों को प्रति माह 6 हजार मानदेय भी मिल रहा है। समस्त ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये खर्चकर कम्प्यूटर स्कैनर कुर्सी मेज लाइट कनेक्शन कराकर कम्प्लीट किया गया। परंतु आज भी डोंगल गांवों से नहीं लग रहे। ग्रामीण समस्याओं के समाधान हेतु ब्लाक व तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। पंचायत भवन स्थित पंचायत कार्यालयों पर प्रायः ताला लगा रहता है। जिसका जीता जागता प्रमाण है ग्राम पंचायत बक्सपुर के मेजवा में बना पंचायत भवन। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी पंचायत फ़ूलपुर चंद्रप्रकाश दुबे ने बताया कि विगत तीन सप्ताह पूर्व फ़ूलपुर ब्लाक के एडीओ पंचायत का प्रभार प्राप्त किया हूं। नियमतः समस्त गाव में पंचायत कार्यालय दस से पांच बजे तक खुलने चाहिए। समस्त ग्राम पंचायत ग्राम विकास अधिकारियों को पंचायत कार्यालय प्रत्येक दिन खोलने का निर्देश दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान कहीं भी किसी ग्राम पंचायत में पंचायत कार्यालय बन्द मिला तो संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
रिपोर्ट- मुन्ना पाण्डेय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *